Monday, 11 May 2020

खेल

लॉकडाउन में PubG खेल कर काफी वक़्त बीत जाता था पर आज दूसरा ईयरफ़ोन भी ख़राब हो गया | दुकानें खुलती नहीं है, छोटी छोटी समस्याएँ असल में बहुत बड़ी होती हैं | मन की स्थिरता कैसे लौटेगी आजकल यह बिलकुल समझ नहीं आता | घर में पड़े पड़े कई दिन बीत गए हैं अभी और कितने ही दिन बीतना बाकि है | लिखने की बहुत कोशिश के बाद भी कुछ लिखा नहीं जा रहा है, न पड़ा, न कुछ नया देखा बहुत दिनों से | जी भर के बस वीडियो गेम्स ही खेलें हैं | जब सब कुछ स्थिर हो जाता है, तब सब सहज नहीं रहता, सहज रहने के लिए चलना कितना ज़रूरी है इसका आभास हो गया है इन दिनों | PubG असल में हैं कमाल का खेल | इस बहाने दोस्ती गहरी हो जाती है |

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