ब्लॉग पर एड लगाने के चक्कर में पूरी साईट का HTML गड़बढ़ हो गया और लेने के देने पढ़ गए | पूरा ब्लॉग दोबारा डिज़ाइन किया सारे पोस्ट लिखने पड़े और अब ब्लॉग को customise भी करना है | मैं भी पता नहीं क्या क्या फालतू चीज़ें एक्स्प्लोर करने लगता हूँ | अब वक़्त जाया नहीं करूंगा | इस बार सीख लिया है | अपने काम से काम रखो ज़्यादा एक्स्प्लोर मत करो नहीं तो लेने के देने पढ़ जाते हैं | अब पता नहीं डोमेन का DNS कनेक्ट होगा की नहीं | चलो, हाथ पैर फेंको धर्म बाबू, फिर से सारा तामझाम खड़ा करना है |
No comments:
Post a Comment