Friday, 3 April 2020

अतीत से अब तक


2017 में ब्लॉग शुरू किया था | 18 के जून तक पहला कविता संग्रह आ गया था | ब्लॉग के थ्रू गया तो देखा 19 में एक शब्द भी नहीं लिखा गया | 19 भोपाल से बम्बई में शिफ्टिंग की ज़द्दोजहद का समय रहा पर इतना समय भी नहीं लगता | ज़्यादा कोशिश 'रोल' हासिल करने की कोशिश में बीता | अंततः सारी कोशिश बेबुनियाद रही लेकिन इतना तो है की वो सारे रास्ते पता चल गए जिन पर नहीं चलना है | नोटबुक का निर्माण भी 18 की बात है | 20 का चौथा महीने लगने वाला है अब फिर से कोशिशों का रुख उसी तरफ मोड़ना है जैसा भोपाल के दिनों में था | कितना सारा थिएटर, लेखन, फिल्म निर्माण, अभिनय सब कर लेता था | पिछले साल बम्बई में खाली ज़्यादा गुज़रा और काम काम किया | नीरज पांडेय निर्देशित 'Special Ops' रिलीज़ हुई है कुछ समय बतौर कास्टिंग असिस्टेंट उसमे काम किया था | कुछ समय बाद उसे भी बीच में छोड़ दिया और अच्छा हुआ | देर आय दुरुस्त आये, समझ तो आया क्या नहीं करना है | पिछली जुलाई के दौरान 'धीरज मिश्रा' एपिसोडिक सीरियल 'वीर क्रांतिकारी' में अभिनय किया था पर उसकी झलकियां देखी नहीं | पर इस साल मार्च में अमित सैनी सर ने क्राइम अलर्ट के एक एपिसोड में कास्ट कर दिया | एक मिनट का एक ही सीन था मेरी करने की मंशा तो नहीं थी पर सर को मैं न कह न सका | घर में सबने एपिसोड देखा | सब खुश थे | मैंने भी खुद की पहली बार टीवी पर झलकियां देखीं | स्क्रीन पे होने की ख़ुशी सचमुच अलग होगी | अभी वो रास्ता जितना सोचा है उतना इख्तियार करना है | फरवरी अनुभवों से भरा हुआ रहा | रिलायंस मार्किट के एक कमर्शियल में बतौर कास्टिंग एसोसिएट और असिस्टेंट डायरेक्टर भी जुड़ा रहा | असिस्टेंट डायरेक्टर के काम का यह पहला अनुभव था | बहरहाल इस साल की शुरुआत खूबसूरत हुई है | काम की भी शुरुआत बन रही है | अच्छे लोगों से वास्ता भी पढ़ रहा है और अपना काम भी मैंने नए सिरे से शुरू कर दिया है |

No comments:

Post a Comment