Friday, 3 April 2020

उम्मीद की चाल


फरवरी में थोड़ा काम से वास्ता पढ़ रहा है | चार (तारीख़) को लगभग प्रोजेक्ट शुरू हुआ था और 20 तक चला | पूरी एनर्जी एक एड में लगी रही फिर भी यहाँ के लोग पैसा देने में बहुत रोना गाना करते हैं | अगर सच में प्रोफेशनल लोगों से वास्ता नहीं पड़ा तो बॉम्बे में ज़िंदगी की जद्दोज़हद बढ़ जाएगी | स्क्रिप्ट अब भी अधूरी है जल्द पूरी करना है | फिल्म का सपना अभी बाक़ी है |

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